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छाती (सीने) में दर्द के 10 घरेलू उपाय – Home Remedies for Chest Pain In Hindi

जब भी किसी को अचानक सीने में दर्द होता, तो उसे हार्ट अटैक का डर सताने लगता है। यकीनन, कभी-कभी यह चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि हर बार छाती में दर्द होना हर्ट अटैक ही हो। यह सामान्य दर्द भी हो सकता है, जिसके कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर चेस्ट पेन किन-किन कारणों से होता है और इसका इलाज क्या है।

अगर आपके मन में भी छाती में दर्द को लेकर इसी तरह के सवाल आते हैं, तो यह लेख खास आपके लिए है। इस लेख में हम आपको चेस्ट पेन के कारण बताएंगे। साथ ही आपको छाती में दर्द के उपाय भी बताएंगे।

विषय सूची

  • सीने में दर्द होने के कारण – Causes of Chest Pain in Hindi
  • छाती में दर्द के लक्षण – Signs And Symptoms Of Chest Pain In Hindi
  • छाती के दर्द से राहत पाने के लिए 10 घरेलू उपाय – Home Remedies To Treat Chest Pain In Hindi

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आइए, सबसे पहले छाती में दर्द होने के कारणों के बारे में जानते हैं।

सीने में दर्द होने के कारण – Causes of Chest Pain in Hindi

हर व्यक्ति को सीने में दर्द होने के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। किसी को चेस्ट के लेफ्ट साइड में दर्द होता है तो किसी को चेस्ट के राइट साइड में दर्द। इसके अलावा, किसी को यह दर्द तेज और ज्यादा देर के लिए हो सकता है, तो किसी को यह दर्द हल्का और कम समय के लिए हो सकता है।

दिल संबंधी कारण
  • हार्ट अटैक।
  • ह्रदय की रक्त वाहिकाओं के अवरुद्ध होने पर एनजाइना।
  • पेरिकार्डिटिस, जो आपके ह्रदय के पास एक थैली में सूजन आने के कारण होता है।
  • मायोकार्डिटिस, जो हृदय की मांसपेशियों में सूजन के कारण होता है।
  • कार्डियोमायोपैथी, हृदय की मांसपेशी का एक रोग।
  • एऑर्टिक डाइसेक्शन, जो महाधमनी में छेद होने के कारण होता है।
फेफड़े संबंधी कारण
  • ब्रोंकाइटिस
  • निमोनिया
  • प्लूरिसी
  • न्यूमोथोरैक्स, जो फेफड़ों से हवा का रिसाव के कारण छाती में होता है।
  • पल्मोनरी एम्बोलिज्म या फिर रक्त का थक्का
  • ब्रोन्कोस्पाज्म या आपके वायु मार्ग में अवरोध (यह अस्थमा से पीड़ित लोगों में आम है)
मांसपेशी या हड्डी संबंधी कारण
  • घायल या टूटी हुई पसली
  • थकावट के कारण मांसपेशियों में दर्द या फिर दर्द सिंड्रोम
  • फ्रैक्चर के कारण आपकी नसों पर दबाव
अन्य कारण
  • दाद जैसी चिकित्सीय स्थिति
  • पेन अटैक, जिससे तेज डर लगता है।

आप चेस्ट पेन के साथ-साथ अन्य लक्षण भी महसूस कर सकते हैं, जैसे :

छाती में दर्द के लक्षण – Signs And Symptoms Of Chest Pain In Hindi

हृदय संबंधी लक्षण
  • सीने में जकड़न और दबाव
  • जबड़े, पीठ या हाथ में दर्द
  • थकान और कमजोरी
  • सिर चकराना
  • पेट में दर्द
  • थकावट के दौरान दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ
  • जी मिचलाना
अन्य लक्षण
  • मुंह में अम्लीय/खट्टा स्वाद
  • निगलने या खाने पर दर्द
  • निगलने में कठिनाई
  • शरीर की मुद्रा बदलने पर ज्यादा दर्द होना या ठीक महसूस करना
  • गहरी सांस लेने या खांसने पर दर्द
  • बुखार और ठंड लगना
  • घबराहट या चिंता

छाती में दर्द होने पर सिर्फ आपको तकलीफ होती है, बल्कि आपको रोजाना के काम करने में भी कठिनाई हो सकती है। इसलिए, जरूरी है कि इसका सही समय पर इलाज करा लिया जाए। नीचे हम चेस्ट पेन से राहत दिलाने के लिए 10 घरेलू उपाय बता रहे हैं।

छाती के दर्द से राहत पाने के लिए 10 घरेलू उपाय – Home Remedies To Treat Chest Pain In Hindi

1. लहसुन

सामग्री :
  • एक चम्मच लहसुन का रस
  • एक कप गुनगुना पानी
क्या करें?
  • एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच लहसुन का रस डालें।
  • इसे अच्छी तरह मिलाएं और रोजाना पिएं।
  • आप रोज सुबह लहसुन के दो टुकड़े चबा भी सकते हैं।
ऐसा कब-कब करें?

इस प्रक्रिया को दिन में एक या दो बार दोहराएं।

यह कैसे काम करता है?

हृदय में रक्त प्रवाह बिगड़ने के कारण हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती है। इस कारण सीने में दर्द का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, रोजाना लहसुन का इस्तेमाल सीने में दर्द से बचाता है। लहसुन हृदय में रक्त प्रवाह को दुरुस्त कर हृदय रोग से बचाता है (1), (2)। छाती में दर्द के उपाय में यह बेहतरीन नुस्खा है।

2. एलोवेरा

सामग्री :
  • ¼ कप एलोवेरा जूस
क्या करें?
  • एलोवेरा जूस को पी लें।
ऐसा कब-कब करें?
  • आप दिन में एक से दो बार एलोवेरा जूस पिएं।
यह कैसे काम करता है?

एलोवेरा एक चमत्कारी पौधा है, जो कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। यह आपके कार्डियोवस्कुलर सिस्टम को मजबूत करने, अच्छे कोलेस्ट्रॉल को नियमित करने, आपके ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने और रक्तचाप को कम करने में भी मदद कर सकता है (three)। ये सभी छाती के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

three. विटामिन

अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि विटामिन-डी और विटामिन-बी12 की कमी से सीने में दर्द हो सकता है। यहां तक कि इससे मायोकार्डियल इंफार्कशन या हार्ट अटैक भी हो सकता है (four), (5)। इसलिए, अगर आप चेस्ट पेन से पीड़ित हैं, तो अपने खानपान पर ध्यान दें। आप पौष्टिक खाना खाएं, जिसमें भरपूर रूप से विटामिन हों।

आप मछली, चीज] अंडे की जर्दी, अनाज, सोया उत्पाद और मीट अपने खानपान में शामिल करें। आप डॉक्टर की सलाह से विटामिन के जरूरी अनुपूरक भी ले सकते हैं।

four. सेब का सिरका

सामग्री :
  • एक चम्मच सेब का सिरका
  • एक गिलास पानी
क्या करें?
  • एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका डालकर अच्छी तरह मिला लें।
  • फिर इस पानी को पी लें।
ऐसा कब-कब करें?

आप खाना खाने से पहले या जब भी चेस्ट पेन हो, तो इस मिश्रण को पिएं।

यह कैसे काम करता है?

सेब के सिरके में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स से राहत दिलाने में मदद करता है। इन्हीं के कारण सीने में दर्द की शिकायत होने लगती है (6)। छाती में दर्द के उपाय में यह जाना-माना उपचार माना जाता है।

5. गर्म पेय

एक कप गर्म हर्बल चाय या कुछ भी गर्म पीने से अपच या ब्लोटिंग के कारण सीने में होने वाले दर्द से राहत मिल सकती है। गर्म पेय ब्लोटिंग व अपच को कम कर हृदय को स्वस्थ रखता है।

6. हल्दी और दूध

सामग्री :
  • ½ चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक गिलास गर्म दूध
क्या करें?
  • एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं।
  • हल्दी वाले इस दूध को पी लें।
ऐसा कब-कब करें?

आप रोजाना रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं।

यह कैसे काम करता है?

हल्दी करक्यूमिन का बेहतरीन स्रोत है। यह कोलेस्ट्रॉल ऑक्सिडेशन, क्लोट फॉर्मेशन व धमनी में थक्के को बनने से रोकता है। ये सभी हृदय की समस्याओं और सीने में दर्द का कारण बन सकते हैं (7), (eight)। करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सीने में दर्द की तीव्रता को कम करने में मदद करता है।

7. तुलसी

सामग्री :
  • आठ से दस तुलसी के पत्ते
क्या करें?
  • तुलसी के पत्तों को चबा लें।
  • इसके अलावा, आप तुलसी की चाय भी पी सकते हैं।
  • आप तुलसी के पत्तों का रस निकालकर इसमें शहद मिलाकर खा सकते हैं।
ऐसा कब-कब करें?

बेहतर परिणाम के लिए आप रोजाना इसका सेवन करें।

यह कैसे काम करता है?

तुलसी में प्रचुर मात्रा में विटामिन-के और मैग्नीशियम होता है। सफेद मैग्नीशियम हृदय तक रक्त प्रवाह को दुरुस्त करता है और रक्त वाहिकाओं को आराम देता है। वहीं, विटामिन-के रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल के निर्माण को रोकता है (9), (10)। यह हृदय संबंधी विकारों के साथ-साथ सीने में दर्द के उपचार में मदद करता है।

eight. लाल मिर्च

सामग्री :
  • एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • किसी भी फल का एक गिलास जूस
क्या करें?
  • फल के एक गिलास जूस में एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर मिलाएं।
  • इस जूस को पी लें।
ऐसा कब-कब करें?

आप इस जूस को दिन में एक बार पिएं।

यह कैसे काम करता है?

इस मिर्च में कैप्सैसिन होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। यह आपके सीने में दर्द की तीव्रता को कम करने में मदद करता है (11)। यह हृदय में रक्त के प्रवाह को दुरुस्त करने में भी मदद करता है, जिससे हृदय रोगों को रोका जा सकता है।

9. मेथी के दाने

  • एक चम्मच मेथी के दाने
क्या करें?
  • एक रात पहले मेथी दानों को पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह इन्हें खाएं।
  • इसके अलावा, आप एक चम्मच मेथी दानों को पांच मिनट के लिए पानी में उबाल लें। फिर इस पानी को छानकर पिएं।
ऐसा कब-कब करें?

आप इस पानी को दिन में एक से दो बार पिएं।

यह कैसे काम करता है?

मेथी के बीज में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं और सीने में दर्द को रोकते हैं (12)। हृदय में रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देते हैं और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं।

10. बादाम

सामग्री :
  • मुट्ठी भर बादाम
क्या करें?
  • कुछ घंटों के लिए बादाम को पानी में भिगो दें।
  • फिर इसके छिल्के हटाकर बादाम खा लें।
  • आप तुरंत राहत के लिए बादाम के तेल और गुलाब के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर अपने सीने पर लगा सकते हैं।
ऐसा कब-कब करें?

आप ऐसा रोजाना करें।

यह कैसे काम करता है?

बादाम पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड का समृद्ध स्रोत है। यह न केवल हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, बल्कि कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मदद करता है (13)। यह हृदय रोग और सीने में दर्द के उपचार में मदद कर सकता है।

ये थे सीने में दर्द के घरेलू उपाय। आइए, अब इससे जुड़े कुछ टिप्स जान लेते हैं।

टिप्स
  • अधिक परिश्रम से बचें।
  • संतुलित आहार का सेवन करें।
  • शराब का सेवन सीमित करें।
  • तंबाकू के सेवन से बचें।
  • खुद को तनाव मुक्त रखें।
  • मत्स्यासन (फिश पोज), भुजंगासन (कोबरा पोज) और धनुरासन (बो पोज) जैसे योगासनों का अभ्यास करें।
  • आप एक्यूप्रेशर भी करवा सकते हैं।

आप कभी भी सीने में दर्द की समस्या को नजरअंदाज न करें। अगर ऊपर बताए गए घरेलू उपाय से आराम भी मिले, तो डॉक्टर से संपर्क करने में कोताही न बरतें। हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके काम आएगा। इससे संबंधित अपने अनुभव हमारे साथ जरूर शेयर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भोजन निगलते समय मेरी छाती में दर्द क्यों होता है?

अगर आप ग्रासनलीशोथ (अन्नप्रणाली में सूजन) से पीड़ित हैं, तो आपको खाना निगलते समय सीने में दर्द की समस्या हो सकती है।

युवाओं में चेस्ट पेन होने के क्या कारण हैं?

युवा वयस्कों में सीने में दर्द के सामान्य कारण अधिक तनाव, सर्दी, खांसी, फुफ्फुसीय, पेरिकार्डिटिस और हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी हैं।

क्या गर्भावस्था के शुरुआती दौर में सीने में दर्द हो सकता है?

हां, गर्भावस्था के दौरान शरीर में बदलाव, तनाव, हार्टबर्न और अपच सीने में दर्द के सबसे सामान्य कारण हैं।

क्या ठंड के मौसम में सीने में दर्द हो सकता है?

हां, लेकिन इसका सटीक कारण अभी तक नहीं खोजा जा सका है। ऐसा कार्टिलेज (एक प्रकार की हड्डी) में सूजन के कारण हो सकता है।

मेरे सीने के दाएं भाग में दर्द क्यों होता है?

सीने के दाएं भाग में दर्द फेफड़ों में सूजन या फिर चेस्ट लाइनिंग का संकेत हो सकता है। इसे फुफ्फुसशोथ भी कहा जाता है। जब आप फुफ्फुसशोथ से पीड़ित होते हैं, तो खांसते, छींकने या सांस लेने की कोशिश करने पर आपको तेज दर्द का अनुभव हो सकता है। मांसपेशियों में खिंचाव या कॉस्टोकोन्ड्रिटिस, अग्नाशयशोथ और दाद जैसी चिकित्सा स्थिति भी आपके सीने के दाहिने हिस्से में दर्द का कारण बन सकती है।

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