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अंजीर के 21 फायदे, उपयोग और नुकसान – Figs (Anjeer) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

कुछ फल ऐसे होते हैं, जो फल के रूप में तो स्वादिष्ट लगते ही हैं, लेकिन सूखने के बाद सेहत के लिए और गुणकारी साबित होते हैं। अंजीर (figs) भी उन्ही फलों में से एक है। इसे फल और ड्राईफ्रूट दोनों प्रकार से खाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे पुराने फलों में से एक अंजीर (figs) है। अंजीर के बारे में जितनी बात की जाए उतनी ही कम होगी, लेकिन इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अंजीर (figs) के संबंध में अधिक से अधिक जानकारी देने का प्रयास करेंगे। हम न सिर्फ सेहत के लिए अंजीर (figs) के फायदेमंद (anjeer ke fayde) बताएंगे, बल्कि यह भी बताएंगे कि इसका सेवन कैसे किया जाए और अंत में इसके नकारात्मक पहलु पर भी बात करेंगे।

पहले हम यह जान लेते हैं कि आखिर अंजीर है क्या।

विषय सूची

  • क्या है अंजीर? – What are Figs in Hindi?
  • अंजीर के प्रकार – Types of Figs in Hindi
  • सेहत के लिए अंजीर के फायदे – Health Benefits of Figs in Hindi
  • त्वचा के लिए अंजीर के फायदे – Skin Benefits of Figs in Hindi
  • बालों के लिए अंजीर के फायदे – Hair Benefits of Figs in Hindi
  • अंजीर के पौष्टिक तत्व – Figs Nutritional Value in Hindi
  • अंजीर का उपयोग – How to Use Figs in Hindi
  • अंजीर को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें – How to Store Figs in Hindi
  • अंजीर के नुकसान – Side Effects of Figs in Hindi

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क्या है अंजीर? – What are Figs in Hindi?

अंग्रेजी में इसे फिग कहा जाता है, जबकि इसका वैज्ञानिक नाम फिकस कैरिका है। वैज्ञानिक तौर पर माना जाता है कि यह जीनस फिकस से संबंधित है और शहतूत परिवार का सदस्य है। इसके फल का रंग हल्का पीला होता है, जबकि पकने के बाद गहरा सुनहरा या बैंगनी हो सकता है।

अंजीर के पेड़ की छाल चिकनी और सफेद रंग की होती है। इसका पेड़ मुख्य रूप से सूखे और धूप वाली जगह पर तेजी से उगता है और जड़ बेहद गहरी होती हैं। साथ ही यह पहाड़ी क्षेत्र में भी आसानी से पनप सकता है। इसके पेड़ की ऊंचाई सात-दस मीटर तक हो सकती है। ऐसा माना जाता है कि अंजीर के एक पेड़ की उम्र करीब 100 वर्ष होती है। हिमालय और शिवालिक एरिया में यह बहुतायत पाए जाते हैं। ईरान, भारत और मध्य-पूर्व के देशों में रहने वाले इसका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं।

इसे स्थानीय भाषाओं में विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे – तेलुगु में अथी पल्लू, तमिल और मलयालम में अती पाजम, कन्नड़ में अंजुरा और बंगाली में दुमूर कहा जाता है। जहां इसका फल जून से सितंबर तक मिलता है, वहीं ड्राईफ्रूट के तौर पर यह सालभर बाजार में उपलब्ध रहता है। इसका टेस्ट सबसे अलग और अनोखा होता है। जहां इसका बाहरी हिस्सा बेहद मुलायम होता है, वहीं अंदर इसके बीज हल्के कुरकुरे होते हैं, जो इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं। साथ ही अंजीर के गुण कई प्रकार से लाभकारी हैं।

अब अंजीर के विभिन्न प्रकारों की बात करते हैं। उसके बाद अंजीर के फायदे जानेंगे।

अंजीर के प्रकार – Types of Figs in Hindi

मुख्य रूप से अंजीर के पांच प्रकार माने गए हैं। हर प्रकार का अपना अलग स्वाद व मिठास है। अंजीर के विभिन्न प्रकार इस तरह हैं :

  1. ब्लैक मिशन : बाहर से इसका रंग काला या हल्का बैंगनी होता है, जबकि अंदर से गुलाबी होता है। यह अंजीर न सिर्फ खाने में मीठी होती है, बल्कि इसमें रस भी होता है। इसे केक या खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
  2. कडोटा : यह अंजीर हरे रंग की होती है और बैंगनी रंग का गुदा होता है। यह अंजीर के सभी किस्मों में सबसे कम मीठी होती है। इसे कच्चा खाया जा सकता है, लेकिन इसे गर्म करके और ऊपर हल्का नमक डालकर भी खाया जा सकता है।
  3. कैलीमिरना : यह बाहर से हरे-पीले रंग की होती है। इसका आकार अन्य किस्मों के मुकाबले सबसे बड़ा होता है और इसका स्वाद भी सबसे अलग होता है।
  4. ब्राउन तुर्की : इस अंजीर का बाहरी रंग बैंगनी और गुदा लाल होता है। इसका स्वाद हल्का और कम मीठा होता है। इसका प्रयोग सलाद का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।
  5. एड्रियाटिक : इसकी बाहरी परत हल्की हरी और अंदर से गुलाबी होती है। इसका रंग हल्का होने के कारण इसे सफेद अंजीर भी कहा जाता है। यह सबसे मीठी होती है और इसे फल के तौर पर खाया जा सकता है।

इस आर्टिकल में हम आगे बता रहे हैं कि अंजीर सेहत, त्वचा और बालों के लिए किस प्रकार फायदेमंद (anjeer ke fayde) है।

सेहत के लिए अंजीर के फायदे – Health Benefits of Figs in Hindi

1. पाचन तंत्र

अंजीर का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है और पाचन तंत्र अच्छी तरह काम करने लगता है। पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए दो-तीन अंजीर को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह ऐसे ही या फिर शहद के साथ खाएं।

पाचन तंत्र को बेहतर करने और कब्ज को जड़ से मिटाने के लिए फाइबर की जरूरत होती है। अंजीर में पर्याप्त मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है। इसलिए, जब अंजीर का सेवन किया जाता है, तो इसका फाइबर गुण पेट को साफ करने में मदद करता है। शरीर से मल आसानी से बाहर निकल जाता है। अंजीर में फाइबर होने के कारण इसके सेवन से दस्त भी ठीक हो सकते हैं (1) (2)। इस प्रकार पेट के लिए अंजीर फायदेमंद है (anjeer ke fayde)।

2. ह्रदय के लिए

जब हमारे शरीर में ट्राइग्लिसराइड (एक प्रकार का वसा) की मात्रा बढ़ जाती है, तो ह्रदय संबंधी बीमारियां होने लगती हैं। इससे निपटने के लिए अंजीर का सेवन किया जा सकता है। अंजीर खाने से रक्त में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम होती है और ह्रदय सही प्रकार से काम करने लगता है (Three)। इसलिए, स्वस्थ ह्रदय के लिए अंजीर के कई फायदे हैं (anjeer ke fayde)।

इसके अलावा, शरीर में फ्री रेडिकल्स की उत्पत्ति होने पर कोरोनरी धमिनयां जाम हो जाती हैं और ह्रदय से जुड़ी बीमारियां जन्म लेने लगती हैं। ऐसे में अंजीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स को खत्म कर ह्रदय की रक्षा करता है (four)। इसके अलावा, अंजीर में फेनोल्स, ओमेगा-Three और ओमेगा-6 फैटी एसिड गुण भी होते हैं, जो ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

Three. कम वजन

अगर आप वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं, तो अंजीर की मदद ले सकते हैं। अंजीर में फाइबर की मात्रा अधिक होती है और कैलोरी कम होती है। अंजीर का सेवन करने से भूख कम लगती है, जिससे आप अधिक भोजन करने से बच जाते हैं। अंजीर के सेवन से शरीर में मेटाबॉलिज्म का स्तर बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त वसा भी कम होती है।

अंजीर में फिसिन नामक एंजाइम भी होता है, जो भोजन को सही प्रकार से पचाने में मदद करता है। जब भोजन सही से और समय पर पच जाता है, तो शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं होती और वजन बढ़ने की चिंता नहीं रहती (5)।

four. कोलेस्ट्रोल

अंजीर में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो रक्त से खराब कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करता है (6)। साथ ही अंजीर का फाइबर गुण पाचन तंत्र से भी अतिरिक्त कोलेस्ट्रोल को साफ करता है। अंजीर में विटामिन-बी6 भी होता है, जो सिरोटोनिन का निर्माण करता है। सिरोटोनिन कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित कर आपके मूड को अच्छा करता है। अंजीर में ओमेगा-Three और ओमेगा-6 फैटी एसिड व फाइटोस्टेरोल जैसे गुण भी होते हैं, जो कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित करने का काम करते हैं।

5. एनीमिया

शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया होता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी प्राणघातक साबित हो सकती है। सूखी अंजीर को आयरन का प्रमुख स्रोत माना गया है। इसके सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है (7)।

मासिक धर्म के समय और गर्भावस्था के समय कई महिलाएं एनीमिया की शिकार हो जाती हैं। इससे उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, अगर कोई बीमार है या फिर किसी तरह की सर्जरी हुई है, उस अवस्था में भी एनीमिया हो सकता है। इससे बचने के लिए अंजीर को अपनी डायट में शामिल करना चाहिए। अंजीर के सेवन से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ती है और शरीर किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम हो जाता है (eight)।

6. डायबिटीज

अंजीर के फल के साथ उसके पत्ते भी सेहत के लिए अच्छे हैं। अंजीर के पत्तों में ऐसे कई गुणकारी तत्व मौजूद हैं, जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं। एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है कि अगर भोजन में अंजीर के पत्तों को शामिल किया जाता है, तो ये डायबिटीज से लड़ने में मदद कर सकते हैं (9)। अंजीर खाने के फायदे (anjeer khane ke fayde) में डायबिटीज का इलाज भी शामिल हैं।

आप डायबिटीज के प्रभाव को कम करने के लिए अंजीर के पत्तों की चाय बनाकर सेवन कर सकते हैं। आप अंजीर की चार-पांच पत्तियों को गर्म पानी में उबाल लें और उसे उबालकर पिएं। इसके अलावा, आप अंजीर के पत्तों को पहले सुखा लें और फिर पीसकर पाउडर बना लें। अब इस पाउडर को एक लीटर पानी में डालकर उबाल लें। लीजिए, आपकी चाय तैयार है, अब इसका सेवन कीजिए।

7. कैंसर

आपके लिए अंजीर का महत्व कितना है, उसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यह कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने में भी सक्षम है। अंजीर का फल पेट और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। अंजीर में फाइबर अधिक मात्रा में होता है, जो पेट में जमा गंदगी को मल के रास्ते बाहर निकाल देता है। साथ ही अंजीर में अनगिनत छोटे-छोटे बीज होते हैं, जिनमें अत्यधिक मात्रा में म्यूसिन पाया जाता है। म्यूसिन पेट की गंदगी को एक जगह एकत्र करता है और फिर उसे बाहर निकाल देता है (10)।

एक अध्ययन में पाया गया है कि जो महिला अपने किशोरावस्था से ही अधिक मात्रा में डाइटरी फाइबर का सेवन करती है, उसमें ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। अधिक मात्रा में फाइबर के सेवन से ओवरऑल ब्रेस्ट कैंसर की आशंका 16 प्रतिशत तक कम हो जाती है, जबकि रजोनिवृत्ति से पहले इसकी आशंका 24 प्रतिशत तक कम हो जाती है। अंजीर के रस और सूखी अंजीर में ऐसे तत्व होते हैं, जो रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका को कम कर सकते हैं (11) (12)।

eight. हड्डियों के लिए

अंजीर को कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम का मुख्य स्रोत माना गया है। शरीर की हड्डियों को मजबूत करने के लिए ये सभी गुण जरूरी हैं। अंजीर के गुणकारी तत्व हड्डियों पर प्रभावी तरीके से काम करते हैं, जिससे उनके टूटने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। इसमें कोई दो राय नहीं कि हड्डियों के लिए कैल्शियम जरूरी है। यही कारण है कि हड्डियों की सेहत के लिए अंजीर खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अंजीर में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है (13) (14)।

खाने में नमक का ज्यादा इस्तेमाल करने से यूरीन कैल्शियम की समस्या हो सकती है, जिससे निपटने में अंजीर में मौजूद पोटैशियम मदद करता है (15)। साथ ही यह आपकी हड्डियों को कमजोर होने से रोकता है। अंजीर खाने के फायदे (anjeer khane ke fayde) में हड्डियों की सेहत भी शामिल है।

9. अस्थमा

आप यकीन मानिए अंजीर अस्थमा से भी आपका बचाव करने में समक्षम है। अगर आप मेथी दाने के पाउडर को शहद और अंजीर के साथ लेते हैं, तो इससे अस्थमा काफी हद तक ठीक हो सकता है। अस्थमा के मरीज अंजीर का जूस भी पी सकते हैं। इससे उन्हें काफी हद तक लाभ हो सकता है।

अंजीर के सेवन से शरीर के अंदर म्यूकस झिल्लियों को नमी प्रदान होती है और कफ साफ होता है, जिससे अस्थमा के मरीज को कुछ राहत मिलती है। अंजीर में फाइटोकेमिकल यौगिक भी होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। अगर फ्री रेडिकल्स हमारे शरीर में बने रहें, तो अस्थमा को और गंभीर बना सकते हैं।

10. रक्तचाप

कई वैज्ञानिक शोधों में इस बात की पुष्टि की गई है कि अगर आप नियमित रूप से अंजीर का सेवन करते हैं, तो रक्तचाप को संतुलित रखा जा सकता है। अंजीर में पाए जाने वाले फाइबर और पोटैशियम दोनों मिलकर उच्च रक्तचाप की आशंका को कम कर उसे संतुलित बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा, अंजीर में ओमेगा-Three और ओमेगा-6 फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो शरीर में रक्तचाप का संतुलन बनाए रखने का काम करते हैं (16)।

11. एंटीऑक्सीडेंट

गुणों की खान अंजीर को एंटीऑक्सीडेंट का प्रमुख स्रोत माना गया है। एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव के कारण ही अंजीर शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म कर कई तरह की बीमारियों से बचाती है। अंजीर में फेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट के गुण भी पाए जाते हैं (17)।

12. यौन शक्ति

जहां अंजीर के सेवन से तमाम तरह की बीमारियां ठीक हो सकती हैं, वहीं यह प्रजनन क्षमता और यौन शक्ति को बढ़ा सकती है। हमने पहले भी बताया था कि अंजीर कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और जिंक से समृद्ध फल है। साथ ही इसमें मैग्नीशियम और जरूरी मिनरल्स भी हैं, जिनकी मदद से यौन क्षमता को बढ़ाने वाले एंड्रोजन व एस्ट्रोजन हार्मोंस का निर्माण होता है।

हालांकि, अभी तक वैज्ञानिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन कई व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर कहा जा सकता है कि बांझपन को दूर करने में अंजीर सक्षम है। जब अंजीर का सेवन किया जाता है, तो एमिना एसिड का निर्माण होता है, जिससे नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण अधिक होने लगता है (18)। इससे रक्त वाहिकाएं फैलने लगती हैं और यौन अंगों सहित शरीर के सभी हिस्सों में रक्त का प्रवाह तेज हो जाता है। विभिन्न अनुभवों के अनुसार अगर अंजीर को रातभर दूध में भिगोकर रखा जाए और अगली सुबह उसे खाया जाए, तो यौन क्षमता बढ़ती है।

13. गले में खराश

बदलते मौसम के साथ अक्सर गला खराब हो जाता है। इस दौरान गले में खराश या फिर दर्द होना आम बात है। अगर इस स्थिति में आप अंजीर का सेवन करते हैं, तो आपको दर्द और खराश से कुछ राहत मिल सकती है। अंजीर में उच्च मात्रा में म्यूसिलेज होता है, जो गले में खराश से राहत दिलाता है। अंजीर का फल खाने से गले को राहत मिलती है और इसका जूस पीने से गले का दर्द कुछ कम होता है।

इसके अलावा, अंजीर के सेवन से टॉन्सिलस को भी प्राकृतिक रूप से ठीक किया जा सकता है। यह गले की सूजन को कम करता है। अगर गर्म पानी से अंजीर का पेस्ट बनाकर गले पर लगाया जाए, तो भी दर्द से आराम मिल सकता है।

14. प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि

विज्ञान के अनुसार अगर हमारी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी नहीं होगी, तो कई बीमारियां हमारे शरीर को घेर लेती हैं। वहीं, आयुर्वेद कहता है कि अगर आपको शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करना है, तो अंजीर का सेवन जरूर करें। अंजीर में पोटैशियम व एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करते हैं। इसलिए, प्रतिरोधक क्षमता को ठीक करने के लिए कोई दवा लेने से बेहतर होगा कि आप प्रतिदिन अंजीर का सेवन करें (19)।

15. ऊर्जा का स्रोत

दिनभर की भागदौड़ के लिए शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा को कायम रखने के लिए भोजन के साथ अपनी डायट में अंजीर को भी शामिल करना जरूरी है। अंजीर के सेवन से ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है। अंजीर में कार्बोहाइड्रेट और शुगर होती है, जो शरीर में ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देते हैं (20)। अंजीर खाने के फायदे (anjeer khane ke fayde) में ऊर्जा का स्तर बेहतर रखना भी शामिल है।

त्वचा के लिए अंजीर के फायदे – Skin Benefits of Figs in Hindi

1. झुर्रियों को रोके

चेहरे पर असमय पड़ने वाली झुर्रियां खूबसूरती पर दाग साबित होती हैं। इससे बचने के लिए अंजीर का प्रयोग किया जा सकता है। कई शोधों में पाया गया है कि अंजीर के रस में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी कोलेजनैस गुण होते हैं, जो झुर्रियों के असर को कम करने में सक्षम हैं (21)।

एक अन्य वैज्ञानिक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि अंजीर के फल का रस स्किन मेलेनिन और सीबम (शरीर से निकलने वाला एक प्रकार का तेल) के स्तर को कम करता है। साथ ही यह स्किन को हाइड्रेट रखता है। इसलिए, अंजीर को हाइपर पिगमेंटशन, कील-मुंहासों और झुर्रियों के इलाज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है (22)।

कैसे करें प्रयोग : सबसे पहले दो अंजीर को कुछ देर के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद अंजीर को पीस लें और उसमें बादाम तेल की कुछ बूंदें डालकर अच्छी तरह मिक्स करके पेस्ट बना लें। फिर चेहरे को पानी से साफ कर यह पेस्ट लगा लें। जब पेस्ट सूख जाए, तो पानी से धो लें।

2. फोड़े व मस्सों के लिए

आप अंजीर को सीधा चेहरे पर भी लगा सकते हैं। इससे चेहरे पर अचानक निकल आने वाले फोड़े-फुंसियों और मस्सों को ठीक किया जा सकता है। एक शोध के अनुसार, अंजीर के पेड़ में लेटेक्स गुण होता है, जो प्रोटियोलिटिक गतिविधि की तरह काम करता है। हालांकि, वैज्ञानिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि इस लेटेक्स गुण के कारण ही अंजीर का फल मस्सों को ठीक कर सकता है (23)।

कैसे करें प्रयोग : ताजा अंजीर को पीसकर पेस्ट बना लें और फिर इसे मस्से पर लगाकर करीब 30 मिनट के लिए छोड़े दें। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

Three. स्किन में आती है ताजगी

इसमें कोई दो राय नहीं कि अंजीर सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। फिर चाहे आप इसे खाएं या फिर मास्क के तौर पर चेहरे पर लगाएं। इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा खिली-खिली और ताजगी से भरपूर नजर आती है। आप अंजीर के मास्क को इस प्रकार तैयार कर सकते हैं।

कैसे करें प्रयोग : एक बड़ी या दो छोटी-छोटी अंजीर लें। अब अंजीर को बीच में से काटें और अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें। फिर इसमें एक चम्मच शहद या योगर्ट मिक्स कर दें। अब इस मास्क को अपने चेहरे पर लगाकर पांच मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद पानी से चेहरा धो लें।

four. त्वचा को बनाए मुलायम

अंजीर में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है। साथ ही एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो त्वचा को मुलायम बनाने में मदद करता है।

कैसे करें प्रयोग : आप पांच अंजीर को पीसकर पेस्ट बना लें। अब इसमें एक चम्मच ओटमील का पाउडर, एक चम्मच दूध और आधा चम्मच अदरक का सूखा पाउडर डालकर मिक्स करके पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार चेहरे पर लगाएं, ताकि आपकी त्वचा मुलायम और चमकदार हो जाए।

बालों के लिए अंजीर के फायदे – Hair Benefits of Figs in Hindi

1. बालों का विकास

अक्सर पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं। अंजीर में मैग्नीशियम, विटामिन-सी और ई जैसे गुण पाए जाते हैं, जो बालों के विकास के लिए जरूरी हैं। अंजीर के उपयोग से स्कैल्प में रक्त का प्रवाह तेज गति से होता है, जिस कारण बालों को बढ़ने में मदद मिलती है।

कैसे करें प्रयोग : दो चम्मच दही में दो चम्मच बेसन मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसी पेस्ट में 10 बूंद अंजीर के तेल की मिक्स कर लें। अब इस पेस्ट को अपने पूरे बालों पर लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद अच्छे शैंपू से बालों को धो लें। इससे बाल लंबे, घने और मजबूत होंगे।

2. बालों में चमक

अगर आप बालों में मजबूती के साथ-साथ उनमें चमक भी लाना चाहते हैं, तो इस मामले में भी अंजीर फायदेमंद साबित हो सकती है। इन दिनों बाजार में ऐसे कई हेयर कंडीशनर हैं, जिनमें अंजीर का इस्तेमाल किया जा रहा है। अंजीर का रस स्कैल्प में नमी बरकरार रखने का काम करता है और वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के।

कैसे करें प्रयोग : अपने कंडीशनर में पांच-सात बूंद अंजीर के तेल की डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब शैंपू करने के बाद इसी कंडीशनर को बालों पर लगाकर पांच-सात मिनट के लिए छोड़ दें और फिर बालों को ठंडे पानी से धो लें।

आइए, अब अंजीर में मौजूद विभिन्न पौष्टिक तत्वों की बात करते हैं।

अंजीर के पौष्टिक तत्व – Figs Nutritional Value in Hindi

यह तो आप जान ही चुके हैं कि अंजीर में कई प्रकार के पौष्टिक तत्व शामिल हैं। इसमें आपको एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स जैसे कई गुणकारी तत्व मिलेंगे। इसके अलावा, अंजीर को प्राकृतिक शुगर और घुलनशील फाइबर का प्रमुख स्रोत माना गया है। यहां हम एक चार्ट के जरिए आपको बता रहे हैं कि अंजीर में किस पोषक तत्व की मात्रा कितनी होती है :

पोषक तत्व मात्रा प्रतिशत
ऊर्जा 75kcal four
कार्बोहाइड्रेट 19.18g 15
प्रोटीन zero.75g 1.5
कुल वसा zero.30g 1
कोलेस्ट्रोल 0mg zero
डाइटरी फाइबर 2.9g 7
विटामिन्स
फोलेट 6µg 1.5
नियासिन zero.400mg 2.5
पैंटोथेनिक एसिड zero.300mg 6
पाइरिडोक्सिन zero.113mg 9
राइबोफ्लेविन zero.zero50mg four
थायमिन zero.zero60 5
विटामिन-ए 142IU 5
विटामिन-सी 2mg Three
विटामिन-ई zero.11mg 1
विटामिन-के four.7µg four
इलेक्ट्रोलाइट्स
सोडियम 1mg zero
पोटैशियम 232mg 5
मिनरल्स
कैल्शियम 35mg Three.5
कॉपर zero.070mg eight
आयरन zero.37mg 5
मैग्नीशियम 17mg four
मैंगनीज zero.128mg 5.5
सेलेनियम zero.2µg <1
जिंक zero.15mg 1
फाइटो-न्यूट्रिएंट्स
कैरोटीन 85µg
ल्यूटीन-जैक्सैंथिन 9µg

आइए, अब अंजीर खाने के तरीके के बारे में जान लेते हैं।

अंजीर का उपयोग – How to Use Figs in Hindi

जैसा कि हमने इस आर्टिकल के शुरुआत में बताया था कि अंजीर को फल के तौर पर या फिर सुखाकर दोनों प्रकार से खाया जा सकता है। अगर आप अंजीर के फल का सेवन ज्यादा करें, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा। अंजीर को यहां बताए जा रहे विभिन्न तरीकों से खाया जा सकता है :

  • अंजीर को खाने से पहले अच्छी तरह धो लेना जरूरी है। फिर आप इसे या तो ऐसे ही खाएं या फिर छिलका उतार कर खा सकते हैं।
  • सूखी अंजीर की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे रातभर पानी में भिगोकर रखें और अगली सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। जिस पानी में इसे भिगोया गया था, आप उस पानी को पी सकते हैं।
  • सूखी अंजीर को अपने साथ कहीं भी ले जाना आसान है। इसलिए, अगर आप किसी यात्रा पर जा रहे हैं, तो अंजीर को अपने साथ ले जा सकते हैं। इसके सेवन से एक तो भूख नहीं लगती और दूसरा ऊर्जा बनी रहती है।
  • आप इसे सैंडविच या फिर सलाद में डालकर भी खा सकते हैं। इससे सैंडविज और सलाद का स्वाद तो बढ़ेगा ही, साथ ही आपको जरूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे।
  • ताजे अंजीर के फल को आप केक या फिर आइसक्रीम के ऊपर सजाकर भी खा सकते हैं।
  • आप अंजीर को अपने भोजन में मिलाकर भी खा सकते हैं। इसे मिक्स करने से भोजन का स्वाद बिल्कुल भी खराब नहीं होगा, बल्कि बढ़ जाएगा।
  • ताजी के मुकाबले में सूखी अंजीर में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए, अगर आप घर में कोई मीठा व्यंजन बनाते हैं, तो चीनी की जगह इसका प्रयोग कर सकते हैं। इससे न सिर्फ मीठे व्यंजन का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि उसे खाने से जरूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे।
  • अंजीर का इस्तेमाल बेकिंग में किया जाता है। केक, पुडिंग व जैम आदि बनाते समय अंजीर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • मुसली बार और दलिया बनाते समय भी सूखी अंजीर का इस्तेमाल किया जाता है।
  • आप सूखी अंजीर को सूप में भी डाल सकते हैं। साथ ही मीट बनाते समय उसका स्वाद बढ़ाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। विभिन्न जगहों पर शुगर की जगह अंजीर के पेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है।

आखिर अंजीर को लंबे समय तक कैसे संभालकर रखा जा सकता है? इस बारे में जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख।

अंजीर को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें – How to Store Figs in Hindi

  • ताजे अंजीर की शैल्फ लाइफ (यानी एक्सपायरी डेट) ज्यादा लंबी नहीं होती। इसलिए, जब आप इन्हें बाजार से खरीदकर लाएं, तो तुरंत जिप वाले पाउच या प्लास्टिक बैग में अच्छी तरह ढककर फ्रिज में रख दें।
  • थोड़े से पके हुए अंजीर के फल को कमरे के तापमान पर रखा जा सकता है। बस ध्यान रहे कि ये पूरी तरह पकने तक सूरज की किरणों के संपर्क में न आएं।
  • एक बात का ध्यान रखें कि ताजे अंजीर के फल जल्दी खराब हो जाते हैं, इसलिए प्रयास करें कि इन्हें दो-तीन दिन में खत्म कर दें।
  • सूखी अंजीर को लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है। फिर चाहे आप इसे फ्रिज में रखें या फिर सूखी और ड्राई जगह पर रखें।
  • अंजीर को तीन महीने से ज्यादा समय के लिए सीलबंद कंटेनर में संभाल कर रखा जा सकता है।
  • अंजीर सीलबंद कैन में भी आती हैं, जिनकी शेल्फ लाइफ करीब 6 महीने की होती है, लेकिन एक बार कैन खुल जाने के बाद इन्हें एक हफ्ते में खत्म कर देना चाहिए।

आर्टिकल के इस अंतिम भाग में हम अंजीर के नुकसान के बारे में भी बात कर लेते हैं।

अंजीर के नुकसान – Side Effects of Figs in Hindi

यह तो सभी जानते हैं कि अंजीर की तासीर गर्म होती है। इसलिए, तय मात्रा से ज्यादा अंजीर खाने से नुकसान भी हो सकता है, जो इस प्रकार है :

  • प्रतिदिन दो-तीन सूखी अंजीर खाना पर्याप्त है। इसे रातभर पानी में भिगोकर अगली सुबह खाना चाहिए। अगर अंजीर को बिना भिगोए या जरूर से ज्यादा खाया जाता है, तो शरीर में गर्मी हो सकती है और नाक से खून आ सकता है।
  • अंजीर में फाइबर ज्यादा होता है, इसलिए अधिक खाने से दस्त की समस्या हो सकती है।
  • अधिक अंजीर खाने से आंतों व पेट में दर्द हो सकता है।
  • अंजीर एक प्रकार से प्राकृतिक शुगर का काम करती है। अगर इसे ज्यादा खाया जाए, तो दांत सड़ सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों को भी इसे खाने से पहले एक बार डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए।
  • किसी-किसी को अंजीर खाने से एलर्जी भी हो सकती है, इसलिए यह खाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से पूछ लें।
  • अधिक अंजीर खाने से वजन घटने की जगह बढ़ सकता है।

अंजीर प्रकृतिक का ऐसा अनमोल तोहफा है, जिसका सेवन संयमित मात्रा में नियमित रूप से करने पर ही फायदा होगा। बेशक, आपने अंजीर के बारे में पहले भी कई बार पढ़ा या सुना होगा, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख में तथ्यों के साथ दी गई जानकारी जरूर आपके काम आएगी। आप यहां बताए गए तरीकों से अंजीर का प्रयोग करते हैं, तो आपको फायदा हो सकता है। अंजीर के फायदे और नुकसान दोनों हैं। इसलिए, अंजीर का सेवन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें और यह भी पता करें कि आपको किस प्रकार इसका सेवन करना चाहिए। आप अपने अनुभव हमारे साथ नीचे दिए कमेंट बॉक्स में शेयर करना न भूलें।

स्वस्थ रहें, खुश रहें।

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